बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था परा द्वारा संचालित शा०उ०मू० की दुकान की जमा प्रतिभूति राशि शासनहित में राजसात
भविष्य में पुनः इस तरह की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति नहीं होने किया सचेत
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अटेर श्री अंकुर रवि गुप्ता द्वारा बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था परा द्वारा संचालित शा०उ०मू० की दुकान की जमा प्रतिभूति राशि रूपये 5 हजार शासनहित में राजसात की गई है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अटेर श्री अंकुर रवि गुप्ता ने आदेशित कर कहा है कि दिनांक 18 फरवरी 2025 एवं 20 फरवरी 2025 को श्री सत्यपाल सिंह जादौन कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी अटेर द्वारा बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था परा द्वारा संचालित शा०उ०मू० की दुकान परा कोड (0101022) के अन्त्योदय कार्डधारियों की जांच कर दिनांक 21 फरवरी 2025 को पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसमें श्री धर्मेन्द्र पुत्र श्री बड़ेलाल को माह फरवरी 2025 में विक्रेता द्वारा गेहूँ, चावल, नमक, शक्कर पात्रतानुसार प्राप्त हुई है तथा इससे पूर्व माह में शक्कर के बदले 02 कि०ग्रा० गेहूँ विक्रेता द्वारा प्रदान किया गया है। श्री मान सिंह पुत्र श्री बड़ेलाल को माह फरवरी 2025 में विक्रेता द्वारा गेहूं, चावल, नमक, शक्कर पात्रतानुसार प्राप्त हुई है तथा पूर्व माह में शक्कर प्राप्त नहीं हुई है। श्री सर्वेश यादव द्वारा दुकान से संलग्न 5753 सदस्यों में से 2380 सदस्यों की ई-केवाईसी दर्ज की गयी है, जोकि मात्र 41.37 प्रतिशत है। जो संतोषजनक स्थिति नहीं है। इस प्रकार श्री सर्वेश यादव द्वारा किया गया उक्त कृत्य गंभीर अनियमितताएं होने से म०प्र० सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की कण्डिका 11 (1), 13 (2) एवं 18 तथा प्राधिकार पत्र की शर्त क्रमांक 9,10 व 29 का स्पष्ट उल्लंघन होकर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दण्डनीय अपराध होने से कार्यालय द्वारा विक्रेता को कार्यालयीन पत्र दिनांक 21 फरवरी 2025 द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 03 दिवस में जवाव चाहा गया था, विक्रेता सर्वेश यादव द्वारा दिनांक 28 जनवरी 2025 को कारण बताओ सूचना पत्र का जबाव प्रस्तुत किया गया है, जो कि संतोषजनक नहीं पाया गया है।
अतः म०प्र० सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की कण्डिका 16 (1) के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुये बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था परा द्वारा संचालित शा०उ०मू० की दुकान पर कोड (0101022) की जमा प्रतिभूति राशि रूपये 5000/- शासनहित में राजसात करते हुए भविष्य के लिए सचेत कर कहा कि पुनः इस तरह की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न की जावे। राजसात प्रतिभूति राशि रूपये 5000/- चालान द्वारा जमा खजाना होने पर प्रकरण दाखिल रिकार्ड हो।
🆕 त्रिलोक न्यूज़ चैनल 🆕
#भिण्ड













